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By admin: Nov. 13, 2022

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाली में 17वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया जाएंगे

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भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बाली में 17वें जी-20  शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया की तीन दिवसीय (14-16 नवंबर) यात्रा पर होंगे। वह 14 नवंबर 2022 को भारत से रवाना होंगे। 17वां जी-20 शिखर सम्मेलन 15 और 16 नवंबर 2022 को बाली में होगा।

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान नेता '"साथ बढे़ं, सशक्‍त बनेंशिखर सम्मेलन की थीम के तहत वैश्विक चिंता के प्रमुख मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श करेंगे।

जी-20 शिखर सम्मेलन एजेंडा के हिस्से के रूप में तीन कार्य सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये खाद्य और ऊर्जा सुरक्षास्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन हैं।

इंडोनेशिया भारत को अध्यक्षता का पद सौंपेगा

क्वात्रा के मुताबिक शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सांकेतिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी को जी-20 की अध्यक्षता सौंपेंगे। भारत औपचारिक रूप से इस साल 1 दिसंबर से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। भारत अगले साल सितंबर में अगले जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

जी-20  सम्मेलन के दौरान, भारत-इंडोनेशिया-ब्राजील तिकड़ी होगी। जी-20  में यह पहली बार होगा कि तिकड़ी में तीन विकासशील देश और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी।

जी-20  शिखर सम्मेलन कार्यक्रम में इस महीने की 16 तारीख को बाली में नेताओं की एक मैंग्रोव वन की यात्रा भी शामिल है।

जी-20 ,19 प्रमुख विकसित और विकासशील देशों और यूरोपीय संघ का एक समूह है। यह वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक प्रभावशाली समूह के रूप में उभरा है। जी-20 के सदस्य देशों का सकल घरेलू उत्पाद वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 85 प्रतिशत है। इसमें विश्व की दो तिहाई आबादी और विश्व व्यापार का 75 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।


इंग्लैंड ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर दूसरी बार आईसीसी टी20 पुरुष विश्व कप जीता

Tags: Sports

England wins the ICC T20 Men's world cup

इंग्लैंड की पुरुष क्रिकेट टीम ने 13 नवंबर 2022 को मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को हराकर अपना दूसरा आईसीसी टी20  पुरुष क्रिकेट विश्व कप जीता। इंग्लैंड की टीम वर्तमान आईसीसी ओडीआई(एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय) विश्व कप चैंपियन 2019 है और इससे पहले उसने 2010 में आईसीसी टी20  पुरुष क्रिकेट विश्व कप जीता था।

इंग्लैंड इतिहास में पहली पुरुष क्रिकेट  टीम है जो एक साथ  50 ओवर और 20 ओवर के दोनों विश्व कप विजेता टीम   हैं।

पाकिस्तानी टीम के कप्तान बाबर आजम थे जबकि इंग्लैंड की टीम का नेतृत्व जोस बटलर ने किया था।

संक्षिप्त स्कोर;

पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 137 रन बनाए।

इंग्लैंड ने 19 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 138 रन बनाए।

फ़ाइनल के सर्वश्रेठ खिलाडी : इंग्लैंड के सैम करन, जिसने 12 रन देकर 3 विकेट लिए ।

वर्ल्ड कपके सर्वश्रेठ खिलाडी : इंग्लैंड के सैम करन जिसने टूर्नामेंट में  13 विकेट लिए।

8वें आईसीसी पुरुष विश्व कप 2022

  • इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा ऑस्ट्रेलिया में 16 अक्टूबर से 13 नवंबर 2022 तक किया गया था। मूल रूप से इसे 2020 में आयोजित किया जाना था लेकिन कोविड के कारण इसे 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
  • ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने स्वतः ही सुपर 12 के लिए क्वालीफाई कर लिया था ।
  • सुपर 12 ग्रुप में खेलने के लिए श्रीलंका, आयरलैंड, नीदरलैंड और जिम्बाब्वे ने क्वालीफिकेशन राउंड जीता।
  • वेस्टइंडीज पहली बार टूर्नामेंट के सुपर 12 चरण के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहा।
  • विराट कोहली छह पारियों में 296 रन के साथ टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।
  • विराट कोहली नेटी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंकाई खिलाड़ी महेला जयवर्धने के सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया । महेला ने कुल  1016 रन बनाये थे जबकि  कोहली के अब टी20 वर्ल्ड कप में कुल 1141 रन हो गए हैं।
  • इस टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट श्रीलंका के वनिन्दु हसीरंगा ने लिए। उन्होंने कुल  15 विकेट लिए ।

आईसीसी टी20 पुरुष विश्व कप का इतिहास

क्रम

आयोजन का वर्ष

मेज़बान देश

विजेता

उप-विजेता

1

2007

दक्षिण अफ्रीका

भारत

पाकिस्तान

2

2009

इंग्लैंड

पाकिस्तान

श्रीलंका

3

2010

वेस्ट इंडीज

इंग्लैंड

ऑस्ट्रेलिया

4

2012

श्रीलंका

वेस्ट इंडीज

श्रीलंका

5

2014

बांग्लादेश

श्रीलंका

भारत

6

2016

भारत

वेस्ट इंडीज

इंग्लैंड

7

2021

संयुक्त अरब अमीरात,ओमान

ऑस्ट्रेलिया

न्यूजीलैंड

8

2022

ऑस्ट्रेलिया

इंग्लैंड

पाकिस्तान

9

2024

वेस्ट इंडीज, संयुक्त राज्य अमेरिका



10

2026

भारत,श्रीलंका



11

2028

ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड



12

2030

इंगलैंड, वेल्स, आयरलैंड, स्कॉटलैंड




उपराष्ट्रपति धनखड़ ने नोम पेन्ह में 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का आह्वान किया

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Vice President Dhankhar calls for free and open Indo-Pacific

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 13 नवंबर 2022 को कंबोडियाई राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित 17वीं पूर्वी एशिया शिखर बैठक में बोलते हुए खाद्य और सुरक्षा पर भारत की चिंता पर प्रकाश डाला और मुक्त, खुले और नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता के साथ समावेशी इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) की भूमिका पर जोर दिया। 

17वें ईएएस की मेजबानी वर्तमान आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस) के अध्यक्ष कंबोडिया द्वारा की जा रही है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष में ईएएस सदस्यों के पूर्ण योगदान का भी आह्वान किया।

इससे पहले शिखर सम्मेलन में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने भी दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक व्यवहार पर प्रकाश डाला और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और दक्षिण चीन सागर में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति का कंबोडियाई दौरा

उपराष्ट्रपति 19वीं भारत-आसियान शिखर बैठक में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय (11-13 नवंबर) कंबोडिया की यात्रा पर गये  थे, जिसे भारतीय आसियान संबंधों के 30 वर्षों को चिह्नित करने के लिए स्मारक शिखर सम्मेलन के रूप में नामित किया गया है।

इस वर्ष को आसियान-भारत मैत्री वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। धनखड़ के साथ इस यात्रा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर भी थे।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन

  • पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन समूह में 18 देश शामिल हैं।
  • पूर्व एशिया समूह की अवधारणा को पहली बार 1991 में तत्कालीन मलेशियाई प्रधान मंत्री महाथिर बिन मोहम्मद द्वारा दिया गया था।
  • इसे 2005 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आम क्षेत्रीय चिंता के राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर रणनीतिक संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में स्थापित किया गया था।
  • प्रारंभ में इसमें आसियान सदस्य (ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस और वियतनाम) और चीन, जापान ,दक्षिण कोरिया, भारत ,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल थे।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और  रूस  को 2011 में  शामिल किया गया।


आसियान तिमोर-लेस्ते को अपने 11वें सदस्य के रूप में स्वीकार करने पर सहमत

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10 देशों का समूह एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) ने सैद्धांतिक रूप से तिमोर-लेस्ते को अपने 11वें सदस्य के रूप में स्वीकार करने पर सहमति व्यक्त की है। 11 नवंबर 2022 को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित शिखर बैठक के बाद आसियान द्वारा इसकी घोषणा की गई। तिमोर- लेस्ते ने 2011 में आसियान की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।

आसियान के अन्य सदस्य ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम हैं।

तिमोर- लेस्ते को शुरू में एक उच्चस्तरीय आसियान बैठक में एक पर्यवेक्षक का दर्जा दिया जाएगा और इसे आसियान समूह का पूर्ण सदस्य बनने में वर्षों लगेंगे।

1999 में कंबोडिया के आसियान में शामिल होने के बाद तिमोर- लेस्ते दो दशकों से अधिक समय में क्षेत्रीय समूह का पहला नया सदस्य होगा।

तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्टा ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सदस्यता, आसियान के भागीदारों के साथ व्यापक राजनयिक संबंधों को मजबूत करेगी और देश में अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगी।

तिमोर- लेस्ते

इसे पहले पूर्वी तिमोर कहा जाता था और 1975 तक यह एक पुर्तगाली उपनिवेश था। पुर्तगालियों के जाने के बाद इस पर इंडोनेशिया ने कब्जा कर लिया था। तिमोर-लेस्ते के लोगों ने इंडोनेशिया से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए स्वतंत्रता संग्राम छेड़ा। बाद में संयुक्त राष्ट्र ने इस क्षेत्र में हस्तक्षेप किया ।

1999 में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षण में कराये गए जनमत संग्रह में तिमोर-लेस्ते के लोगों ने इंडोनेशिया से स्वतंत्रता के लिए मतदान किया।

इसे आधिकारिक तौर पर 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी गई, और यह एशिया का सबसे युवा देश बन गया।

तिमोर -लेस्ते की राजधानी- : दिली (DILI)

मुद्रा: डॉलर

राष्ट्रपति :जोस रामोस-होर्टा


मणिपुर 14 नवंबर को अमूर फाल्कन आयोजित करेगा

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अमूर फाल्कन फेस्टिवल का 7 वां संस्करण 14 नवंबर 2022 को मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में आयोजित किया जाएगा। दुनिया में  सबसे लंबे समय तक उड़ने वाले प्रवासी पक्षी अमूर फाल्कन(बाज़) के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस महोत्सव का आयोजन 2015 से किया जा रहा है। दिन भर चलने वाला त्योहार आम तौर पर नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में मनाया जाता है।

अमूर फाल्कन (फाल्को एमुरेंसिस)

अमूर बाज़ ,बाज़ परिवार का दुनिया का सबसे लम्बी यात्रा करने वाला छोटा रैप्टर है। रैप्टर का अर्थ है जो शिकार के रूप में अन्य जानवरों या पक्षियों का शिकार करता है।

अमूर फाल्कन रूस के मध्य साइबेरिया क्षेत्र, पूर्वी चीन में प्रजनन करते हैं । वे अक्टूबर के दौरान उत्तर पूर्वी राज्यों मणिपुर, नागालैंड, असम के कुछ  हिस्से में प्रवास करते हैं।

वे लगभग दो महीने तक भारत में रहते हैं और नवंबर के महीने में वे लगभग 22,00 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए दक्षिण अफ्रीका और केन्या के लिए बिना रुके अरब सागर को पार करते हैं उड़ान भरते हैं । अमूर फाल्कन्स वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं।

नागालैंड को दुनिया की फाल्कन राजधानी के रूप में जाना जाता है

अक्टूबर-नवंबर महीने के दौरान नागालैंड में वोखा जिले के पांगती गांव में लगभग दसलाख अमूर फाल्कन रैप्टर रुकते हैं। यह एक जगह पर दुनिया में अमूर बाज़ पक्षी का सबसे बड़ा जमावड़ा है। इसलिए नागालैंड को दुनिया की फाल्कन राजधानी भी कहा जाता है।


भारत और आसियान संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्तर तक बढाया गया

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India and ASEAN relations enhanced

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत-आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशन) संबंधों को पहले की रणनीतिक साझेदारी से  एक स्तर ऊपर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership )स्तर कर दिया गया है। संबंधों का यह उन्नयन दोनों पक्षों के बीच विश्वास के एक बड़े स्तर को दर्शाता है और संबंधों को और मजबूत करने के लिए आपसी मूल्य, रणनीतिक संरेखण और सकारात्मक इरादे की भावना व्यक्त करता है।

12 नवंबर 2022 को आयोजित 19वें भारत आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कंबोडिया यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच संबंधों के उन्नयन पर यह सहमति बनी थी। 19वें भारत आसियान शिखर सम्मेलन को भारतीय आसियान संबंधों के 30 वर्षों को चिह्नित करने के लिए स्मारक शिखर सम्मेलन के रूप में नामित किया गया है। कंबोडिया वर्तमान में 10 देशों के आसियान समूह का अध्यक्ष है।

वह कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में होने वाले 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी का फोकस क्षेत्र इस प्रकार है;

  • समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती का मुकाबला, खोज और बचाव कार्यों और मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन सहित समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में उन्नत समुद्री सहयोग।दोनों पक्ष इंडो-पैसिफिक पर आसियान आउटलुक और भारत के इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव को लागू करने के लिए काम करेंगे।
  • डिजिटल वित्तीय प्रणालियों की अंतर-संचालनीयता सहित साइबर सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और फिनटेक में सहयोग को मजबूत करना।
  • अक्षय ऊर्जा, स्मार्ट कृषि, स्वास्थ्य देखभाल और अंतरिक्ष के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान देने के साथ सतत विकास में सहयोग को बढ़ाना।
  • पर्यटन के पुनरुद्धार को बढ़ावा देना और युवाओं को शामिल करने वाली गतिविधियों को बढ़ाना,
  • क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आम चिंता के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करना ।

कंबोडियाई प्रधान मंत्री हुन सेन के साथ द्विपक्षीय बैठक

उपराष्ट्रपति ने कंबोडियाई प्रधान मंत्री हुन सेन के साथ भी बैठक की। भारत और कंबोडिया ने 4 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय पक्ष ने 1970 के दशक के अंत से 1990 के दशक तक बिछाई गई बारूदी सुरंगों  को हटाने के कंबोडिया के प्रयासों का समर्थन करने के लिए $426,000 के अनुदान की घोषणा की।

भारत-आसियान सम्बन्ध

90 के दशक में नरसिम्हा राव सरकार की पूर्व की ओर देखो विदेश नीति के अनुसार, भारत सरकार ने पूर्वी एशिया विशेष कर आसियान के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।

भारत -आसियान संबंधो का विकास

  • 1992 में आसियान द्वारा भारत को शुरू में एक क्षेत्रीय भागीदार बनाया गया था।
  • संबंधों में बढ़ती गहराई के साथ भारत को1996 में एक संवाद भागीदार में बदल दिया गया था।
  • 2022 में संबंध को शिखर स्तर तक उन्नत किया गया
  • और अंतत: 2012 में इसे सामरिक साझेदारी  के स्तर में बदल दिया गया।

दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान)

इसकी स्थापना 1967 में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के एक समूह के रूप में की गई थी।

इस समय ग्रुप में 10 सदस्य हैं।

वे हैं: ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम।

आसियान का मुख्यालय: जकार्ता, इंडोनेशिया


टाटा मोटर्स जनवरी 2023 से एनवाईएसई से अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीदों को हटा देगी

Tags: Economy/Finance

Tata Motors to delist from NYSE from January 2023

भारत की अग्रणी मोटर कंपनी टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि वह जनवरी 2023 से संयुक्त राज्य अमेरिका में दुनिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई) से अपनी अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीदों (एडीआर) को हटा देगी।

टाटा मोटर्स ने कंपनी में विदेशी शेयरधारकों की भागीदारी बढ़ाने और विदेशी पूंजी जुटाने के उद्देश्य से 2004 में एडीआर जारी किया था। टाटा मोटर्स ने कहा कि मौजूदा समय में कंपनी में काफी विदेशी निवेश है और उसके एडीआर मेंविदेशी  निवेशकों की  दिलचस्पी घट रही है। इसलिए कंपनी ने एडीआर को डीलिस्ट करने का फैसला किया है।

पहली भारतीय कंपनी जिसने एडीआर जारी  किया था वह इनफ़ोसिस है जिसने 1999 में इसे जारी किया था और इसे अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज NASDAQ पर लिस्ट किया गया था ।

एडीआर क्या है?

यह एक अमेरिकी डिपॉजिटरी द्वारा अमेरिकी निवेशक को जारी किया गया एक डेरीवेटिव (derivative)उपकरण है  जिसे एक अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाता है। इसे  एक गैर-अमेरिकी कंपनी के इक्विटी शेयरों के खिलाफ जारी किया जाता है। एडीआर में  कंपनी के  शेयर की तरह ही  कारोबार किया जाता है और एडीआर धारक के पास वे सभी अधिकार होते हैं जो कंपनी के इक्विटी शेयरधारक को  प्राप्त होते है सिर्फ वोटिंग अधिकारों को छोड़कर ।

यह काम किस प्रकार करता है ?

उदाहरण के लिए टाटा मोटर्स विदेशी पूंजी जुटाने और कंपनी में विदेशी भागीदारी बढ़ाने के लिए एडीआर जारी करना चाहती है।

उदाहरण के लिए टाटा मोटर्स या तो नए 10,000 शेयर बनाएगी या कंपनी के मौजूदा शेयरों का उपयोग करेगी। यह एक अमेरिकी डिपॉजिटरी से संपर्क करता है, जैसे  सिटी बैंक  को और उसे अपने 10,000 शेयर जमा करने के लिए कहता है।

सिटी बैंक टाटा मोटर्स के शेयरों को स्वीकार करेगा और टाटा मोटर्स के जमा शेयरों के बदले रसीद जारी करेगा। मान लीजिए एक शेयर के लिए एक रसीद जारी की जाती है तो कुल 10,000 रसीदें जारी की जाएगी  । इन रसीदों को मान लीजये अमेरिकी निवेशक को $ 10 प्रति के रसीद के हिसाब से बेचा जाएगा।

इस प्रकार 10,00,00 डॉलर मूल्य की रसीदें बेची जाएंगी और डिपॉजिटरी अपना कमीशन काटकर शेष राशि इंफोसिस को देगी। इस तरह से टाटा की शेयर सिटी बैंक के पास होगा जबकि इस बदले जारी की गयी रसीद अमेरिकी  निवेशिकों के पास होगा इसलिए इसे डेरीवेटिव कहा जाता है ।

इन  रसीदों को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा और सामान्य शेयरों की तरह इसमें  कारोबार किया जाएगा।

अमेरिकी डिपॉजिटरी द्वारा जारी इन रसीदों को अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीद कहा जाता है ।

एडीआर के धारक को वोटिंग अधिकार के अलावा टाटा मोटर्स के भारतीय शेयरधारक को मिलने वाले सभी लाभ मिलेंगे। एडीआर धारक को मतदान का अधिकार इसलिए नहीं दिया जाता क्योंकि अभी भी भारत के पास पूर्ण पूंजी खाता परिवर्तनीयता नहीं है।

न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई)

यह न्यूयॉर्क शहर संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

इसे वॉल स्ट्रीट के नाम से भी जाना जाता है। वॉल स्ट्रीट उस स्थान का नाम है जहां वह भवन स्थित है जिसमे एनवाईएसई है।

एनवाईएसई  का सूचकांक डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज या डॉव जोन्स है। यह दुनिया का पहला शेयर बाजार सूचकांक है । भारत के बीएसई का सूचकांक  सेंसेक्स डॉव जोन्स मॉडल पर आधारित है।

1999 में आईसीआईसीआई एनवाईएसई में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी थी।

एनवाईएसई की स्थापना 17 मई 1792 को हुई थी।


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