यूपीएसएसएससी - मुख्य सेविका पद हेतु परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम जारी

Updated On : 06 Sep, 2022

यूपीएसएसएससी:

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2021 के अंतर्गत मुख्य सेविका पद की मुख्य परीक्षा- (प्रा0अ0प0-2021) /05 हेतु विज्ञापन संख्या- 05 परीक्षा 2022 में प्रकाशित कर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये थे।

उक्त विज्ञापन के बिन्दु- 10 में यह उल्लिखित है कि लिखित परीक्षा हेतु परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम को आयोग की वेबसाइट पर यथासमय अलग से प्रकाशित किया जाएगा।

तदानुक्रम में अभ्यर्थियों के सूचनार्थ शासनादेश संख्या-930 सीएम/47-का-3-2022 दिनांक 10 अगस्त, 2022 द्वारा मुख्य सेविका पद की मुख्य परीक्षा हेतु स्वीकृत परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम निम्नवत है-

मुख्य सेविका के रिक्त पदों पर चयन हेतु लिखित परीक्षा की परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम:


प्रश्नों की संख्या

सकारात्मक अंक

नकारात्मक अंक 

समय

100

1

0.25%

2 घंटे

पाठ्यक्रम

1. मुख्य सेविका की भूमिका और जिम्मेदारियां।

2. विवाह, परिवार, जाति लिंग की असमानता, धर्म और भाषाएं।

3. सामाजिक समस्याएं और विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं से संबंधित मुद्दे।

4. जनसंख्या विस्फोट, जनसंख्या वृद्धि और नियंत्रण।

5. गरीबी, दहेज, घरेलू हिंसा, तलाक, अंतर और अंतर-पीढ़ी संघर्ष, जातिवाद।

6. सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक नियन्त्रण।

7. ऊर्जा, बेसल उपापचय।

8. संतुलित आहार, भोजन का कैलोरी मान और वजन प्रबंधन।

9. भोजन के आवश्यक घटक (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज, पानी): उनकेस्रोत, कार्य, आवश्यकताएं, कमी से होने वाले रोगा

10. गर्भधारण और गर्भावस्था की जटिलताओं के संकेत, प्रसव, गर्भधारण के दौरान पौष्टिकआहार की आवश्यकता, जन्म के चरण, प्रसव के प्रकार, महिला स्वास्थ्य एवं गर्भपात।

11. वृद्धि एवं विकास: शारीरिक विकास, मोटर विकास, भावनात्मक विकास, भाषा विकास, सामाजिक विकास, संज्ञानात्मक विकास।

12. नवजात की देखभाल, स्तनपान के तरीके, कुपोषण एवं पूरक पोषण,

13. जीवनचक्र के दौरान पोषण: शैशवावस्था, बचपन, किशोरावस्था, भारत में शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर

14. खाना पकाने के दौरान पोषक तत्वों का संरक्षण, खाद्य पदार्थों के अंकुरण, किण्वन, खाद्य तालमेल के पोषण मूल्य को बढ़ाने के पारंपरिक तरीके।

15. बाल विकास के चरण और विकास को प्रभावित करने वाले कारक।

16. प्रतिरक्षा: प्रतिरक्षण के प्रकार और अनुसूची।

17. रोग: बुखार, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियोमाइलाइटिस, खसरा, तपेदिक, चिकन पॉक्स, हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, दस्त, कृमि संक्रमण, एनीमिया, कारण, लक्षण और इलाज।

18. परामर्श: इसका अर्थ, आवश्यकता और तक्नीक, प्रभावी संचार और इसके कौशल।

19. स्वास्थ्य एजेंसियां: डब्यूएचओ, यूनिसेफ, यूएनएफपीए, यूएनडीपीए, रेड क्रॉस, इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर, फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया आदि।

20. सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम: जन्म से पूर्व, जन्म के पश्चात् टीकाकरण।



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