'वाक्य विग्रह' का अर्थ है-वाक्य खंडों को अलग-अलग करके उनका सम्बन्ध बताना।
महत्त्वपूर्ण बिंदु-
वाक्य विग्रह का उदाहरण-
अनुज चाकू से फल काटकर खिलाता है।
उद्देश्य(कर्ता): अनुज
विधेय(कर्म): चाकू, फल
कारक: से
क्रिया: काटकर, खिलाता
सहायक क्रिया: है
Question 2:
वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं जिनमें:
Correct Answer: 3
वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं जिनमें - एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो।
अन्य विकल्प -
मिश्र वाक्य - एक साधारण और दूसरा आश्रित उपवाक्य हो उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
Question 3:
वाक्यों का वर्गीकरण कितने आधारों पर किया गया
Correct Answer: 1
वाक्यों का वर्गीकरण दो आधारों पर किया गया है। रचना के आधार पर और अर्थ के आधार पर।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद -
सरल वाक्य - जिस वाक्य में केवल एक उद्देश्य और एक विधेय हो अथवा अनेक उद्देश्यों का सभी विधेयों से समान संबंध हो, सरल वाक्य कहलाता है।
मिश्र वाक्य - जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो तथा एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य हों, मिश्रवाक्य कहलाता है।
संयुक्त वाक्य - अनेक स्वतंत्र उपवाक्यों का समूह, जो अर्थ के लिए एक-दूसरे पर आश्रित नहीं होते ,सयुंक्त वाक्य कहलाते हैं। उन्हें यौगिक अथवा संसृष्ट वाक्य भी कहते हैं।
'शायद पिताजी आ जाएँ।' संदेहार्थक वाक्य है। इस वाक्य में संदेश जताया जा रहा है कि हो सकता है कि पिताजी आ जाएंँ, इसलिए यह संदेहार्थक वाक्य है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु-
संदेहार्थक वाक्य - जिन वाक्यों से संदेह या संभावना व्यक्त होती है, उन्हें संदेहार्थक वाक्य कहते हैं।
उदहारण -
शायद शाम तक आकाश घर आ जाए।
अन्य विकल्प -
आज्ञार्थक -
वह वाक्य जिनमें आदेश, आज्ञा या अनुमति का पता चलता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य कहा जाता है।
यह काम तुमको करना पड़ेगा।
ऊपर उदाहरण के वाक्य में स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि इस वाक्य में व्यक्ति को काम करने का आदेश दिया जा रहा है और जिस वाक्य में आदेश का बोध होता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।
इच्छार्थक -
जिन वाक्यों से किसी इच्छा, आशा, आशीर्वाद या शुभकामना का बोध होता है, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहते हैं।
भगवान करे सब सकुशल वापस आए।
ऊपर जो उदाहरण दिया गया है, इस उदाहरण से स्पष्ट है कि इसमें वक्ता की कामना का पता चल रहा है। वक्ता सभी के सकुशल वापस लौटने की कामना कर रहा है। अतः यह उदाहरण इच्छा वाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।
संकेतवाचक -
वे वाक्य जिनसे हमें एक क्रिया का दूसरी क्रिया पर निर्भर होने का बोध हो, ऐसे वाक्य संकेतवाचक वाक्य कहलाते हैं। उदहारण -
अगर तुम परिश्रम करते तो आज सफल हो जाते।
अतिरिक्त बिंदु -
सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
वाक्य अनेक प्रकार के हो सकते हैं। उनका विभाजन हम दो आधारों पर कर सकते हैं -
अर्थ के आधार पर
रचना के आधार पर
Question 5:
‘उसने अपने को निर्दोष घोषित किया।’ इस सरल वाक्य के मिश्र वाक्य का रूप निम्नलिखित में से कौन-सा है?
Correct Answer: 1
‘उसने अपने को निर्दोष घोषित किया।’ इस सरल वाक्य के मिश्र वाक्य का रूप होगा - उसने कहा कि मैं निर्दोष हूँ। अन्य विकल्प असंगत हैं।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
मिश्र वाक्य - जिन वाक्यों में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और अन्य आश्रित (गौण) उपवाक्य हों तथा जो आपस में कि; जो; क्योंकि; जितना ; जैसा;जब; जहाँ; तथापि; आदि से मिश्रित (मिले-जुले) हों, उन्हें मिश्रित वाक्य कहते हैं। इनमें एक मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक से अधिक समापिका क्रियाएँ होती है ; जैसे - मैं जानता हूँ कि तुम्हारे अक्षर अच्छे नहीं बनते। जो लड़का कमरे में बैठा है वह मेरा भाई है।
अतिरिक्त बिंदु -
सरल वाक्य- सरल वाक्य एक कर्ता तथा एक क्रिया के मेल से बनता है। इसमें कोई उपवाक्य जुड़ा नहीं होता है। जैसे-कछुए ने खरगोश को हरा दिया।
Question 6:
निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा मिश्र वाक्य है?
Correct Answer: 3
“अध्यापक देखते हैं कि छात्र पढ़ते हैं।” यह वाक्य मिश्र वाक्य का उदाहरण है। ‘कि’ मिश्र वाक्य का योजक होता है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
मिश्र वाक्य - जिन वाक्यों में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और अन्य आश्रित (गौण)उपवाक्य हों तथा जो आपस में कि; जो; क्योंकि; जितना ; जैसा;जब; जहाँ; तथापि; आदि से मिश्रित (मिले-जुले) हों, उन्हें मिश्रित वाक्य कहते हैं। इनमें एक मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक से अधिक समापिका क्रियाएँ होती है ; जैसे - मैं जानता हूँ कि तुम्हारे अक्षर अच्छे नहीं बनते। जो लड़का कमरे में बैठा है वह मेरा भाई है।
अन्य विकल्प -
अध्यापकों के सम्मुख छात्र पढ़ते हैं। सरल वाक्य का उदाहरण है।
क्या अध्यापकों के सम्मुख छात्र पढ़ते हैं। सरल वाक्य का उदाहरण है।
छात्र पढ़ते हैं और अध्यापक उन्हें देखते हैं। यह एक संयुक्त वाक्य है।
अतिरिक्त बिंदु-
सरल वाक्य- सरल वाक्य एक कर्ता तथा एक क्रिया के मेल से बनता है। इसमें कोई उपवाक्य जुड़ा नहीं होता है। जैसे-कछुए ने खरगोश को हरा दिया।
संयुक्त वाक्य- जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजकों (और, एवं, या, अथवा, इसलिए, अतः, फिर भी, तो, नहीं तो,किन्तु, परन्तु, लेकिन,पर आदि ) से जुड़े हों, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं; जैसे-वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
Question 7:
निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो सही वाक्य भेद का विकल्प हो।
वह पुस्तक खो गई थी, परंतु मुझे मिल गई।
Correct Answer: 1
वह पुस्तक खो गई थी, परंतु मुझे मिल गई। संयुक्त वाक्य का उदाहरण।
महत्त्वपूर्ण बिंदु-
संयुक्त वाक्य - जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजकों (और, एवं,या,अथवा,इसलिए,अतः, फिर भी, तो, नहीं तो, किन्तु,- परन्तु, लेकिन, पर आदि ) से जुड़े हों, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं ; जैसे-वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
अन्यविकल्प -
सरल वाक्य- सरल वाक्य एक कर्ता तथा एक क्रिया के मेल से बनता है। इसमें कोई उपवाक्य जुड़ा नहीं होता है।
मिश्र वाक्य - जिन वाक्यों में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और अन्य आश्रित (गौण) उपवाक्य हों तथा जो आपस में कि; जो; क्योंकि; जितना; जैसा; जब; जहाँ; तथापि; आदि से मिश्रित (मिले-जुले) हों, उन्हें मिश्रित वाक्य कहते हैं। इनमें एक मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक से अधिक समापिका क्रियाएँ होती हैं; जैसे - मैं जानता हूँ कि तुम्हारे अक्षर अच्छे नहीं बनते। जो लड़का कमरे में बैठा है वह मेरा भाई है।
विधानवाचक वाक्य - वह वाक्य जिससे किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त होती है, वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है। जैसे - राधा पढ़ती है।
अतिरिक्त बिंदु -
सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
वाक्य अनेक प्रकार के हो सकते हैं। उनका विभाजन हम दो आधारों पर कर सकते हैं -
अर्थ के आधार पर
रचना के आधार पर
Question 8:
निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो सही वाक्य भेद का विकल्प हो।
इसकी तलाशी लो और घड़ी मिल जाएगी।
Correct Answer: 1
इसकी तलाशी लो और घड़ी मिल जाएगी, वाक्य संयुक्त वाक्य है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजकों (और, एवं,या,अथवा,इसलिए,अतः,फिर भी, तो, नहीं तो,किन्तु, परन्तु, लेकिन,पर आदि )से जुड़े हों, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं ;जैसे-वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
अन्य विकल्प -
सरल वाक्य- सरल वाक्य एक कर्ता तथा एक क्रिया के मेल से बनता है। इसमें कोई उपवाक्य जुड़ा नहीं होता है। जैसे-कछुए ने खरगोश को हरा दिया।
संदेहवाचक वाक्य- जिस वाक्य में किसी भी प्रकार की संभावना और सदेंह का बोध होता हो, उस वाक्य को संदेहवाचक वाक्य कहा जाता है।
आज मौसम बिगड़ सकता है।
मिश्र वाक्य - जिन वाक्यों में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और अन्य आश्रित (गौण)उपवाक्य हों तथा जो आपस में कि; जो; क्योंकि; जितना ; जैसा;जब; जहाँ; तथापि; आदि से मिश्रित (मिले-जुले) हों, उन्हें मिश्रित वाक्य कहते हैं। इनमें एक मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक से अधिक समापिका क्रियाएँ होती है ; जैसे - मैं जानता हूँ कि तुम्हारे अक्षर अच्छे नहीं बनते। जो लड़का कमरे में बैठा है वह मेरा भाई है।
अतिरिक्त बिंदु -
सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
वाक्य अनेक प्रकार के हो सकते हैं। उनका विभाजन हम दो आधारों पर कर सकते हैं -
अर्थ के आधार पर
रचना के आधार पर
Question 9:
शायद पिताजी आ जाएँ।' - किस प्रकार का वाक्य है?
Correct Answer: 2
शायद पिताजी आ जाएँ, संदेहार्थक वाक्य है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु-
संदेहार्थक वाक्य -जिन वाक्यों से संदेह या संभावना व्यक्त होती है उन्हें संदेहार्थक वाक्य कहते हैं। उदहारण -
अगर तुम परिश्रम करते तो आज सफल हो जाते।
अन्य विकल्प -
आज्ञार्थक - वह वाक्य जिनमें आदेश, आज्ञा या अनुमति का पता चलता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य कहा जाता है।
यह काम तुमको करना पड़ेगा।
ऊपर उदाहरण के वाक्य में स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि इस वाक्य में व्यक्ति को काम करने का आदेश दिया जा रहा है और जिस वाक्य में आदेश का बोध होता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।
इच्छार्थक - जिन वाक्यों से किसी इच्छा, आशा, आशीर्वाद या शुभकामना का बोध होता है, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहते हैं।
भगवान करे सब सकुशल वापस आए।
ऊपर जो उदाहरण दिया गया है, इस उदाहरण ने दिखाई दे रहा है कि इसमें वक्ता की कामना का पता चल रहा है। वक्ता सभी के सकुशल वापस लौटने की कामना कर रहा है। अतः यह उदाहरण इच्छा वाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।
संकेतवाचक - वे वाक्य जिनसे हमें एक क्रिया का दूसरी क्रिया पर निर्भर होने का बोध हो, ऐसे वाक्य संकेतवाचक वाक्य कहलाते हैं। उदहारण -
अगर तुम परिश्रम करते तो आज सफल हो जाते।
अतिरिक्त बिंदु-
सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
वाक्य अनेक प्रकार के हो सकते हैं। उनका विभाजन हम दो आधारों पर कर सकते हैं -
अर्थ के आधार पर
रचना के आधार पर
Question 10:
वाक्य के कितने प्रकार हैं?
Correct Answer: 1
वाक्य तीन प्रकार के होते हैं - सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य तथा मिश्र वाक्य
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
सरल वाक्य - हम देखते हैं कि प्रथम वाक्य केवल एक उद्देश्य और विधेय रखता है। ऐसे वाक्य को साधारण वाक्य कहते हैं। जैसे - मैं यहाँ आया।
संयुक्त वाक्य - अनेक स्वतंत्र उपवाक्यों का समूह, जो अर्थ के लिए एक-दूसरे पर आश्रित नहीं होते ,सयुंक्त वाक्य कहलाते हैं। उन्हें यौगिक अथवा संसृष्ट वाक्य भी कहते हैं। जैसे - चाहा कि उसे पकड़ लूँ।
मिश्रित वाक्य - जिन वाक्यों में एक प्रधान उपवाक्य और इस उपवाक्य पर एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं। यह सभी आपस में कि, जो, की, इतना, उतना, इधर, उधर, कब, कितना, जब ,तब जैसा, वैसा, वह, आदि, शब्दों से जुड़े होते हैं।
Question 11:
नीचे दिए गए वाक्य के पहले और अंतिम भाग को क्रमशः (1) और (6) की संख्या दी गई है इनके बीच के अंशों को चार भागों में बांट कर (य), (र), (ल) तथा (व) की संख्या दी गई हैं। ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं । इन चारों को उचित क्रम में लगाएं ताकि एक सही वाक्य बन सके।
(1) जिस प्रकार
(य) दहकना है उसी प्रकार
(र) उसके स्वभाव का
(ल) मनुष्य का धैर्य
(व) अग्नि का धर्म
(6) पर्याय होना चाहिए।
Correct Answer: 3
व्याख्या - वाक्य का सही क्रम इस प्रकार है - जिस प्रकार अग्नि का धर्म दहकना है, उसी प्रकार मनुष्य का धैर्य उसके स्वभाव का पर्याय होना चाहिए।
Question 12:
एक ही विधेय हो जिसमें -
Correct Answer: 3
जिसमे एक ही विधेय हो ,वह सरल वाक्य कहलाता है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
सरल वाक्यों में एक ही कर्ता, एक ही क्रिया तथा एक ही उद्देश्य होता है।
उदाहरण - रीता पढ़ती है।
अन्य विकल्प -
मिश्रवाक्य - जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और शेष उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे जटिल या मिश्र वाक्य कहा जाता है।
उदाहरण - जो लड़का खेल रहा है वह मेरा भाई है।
संयुक्त वाक्य - जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजकों (और, एवं, तथा, या, किंतु, परंतु, लेकिन इत्यादि)के द्वारा जुड़े हैं, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं।
उदाहरण - वह रात में गया और सुबह लौट आया।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते है।
Question 13:
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः कितने प्रकार से होता है?
Correct Answer: 1
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः दो दृष्टियों से होता है- रचना की दृष्टि से तथा अर्थ की दृष्टि से।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं- सरल वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के आठ भेद हैं- विधिवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक प्रश्नवाचक, विस्मयवाचक,सन्देहवाचक, इच्छावाचक तथा संकेतवाचक।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
Question 14:
रचना के आधार पर वाक्य के भेद हैं -
Correct Answer: 2
रचना के आधार पर वाक्य के 3 भेद हैं-1. सरल या साधारण वाक्य, 2. मिश्र वाक्य और 3. संयुक्त वाक्य।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं, जिनमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो। सरल वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया होती है।
जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और शेष उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे जटिल या मिश्र वाक्य कहा जाता है।
जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों (जैसे और, तथा, एवं आदि) द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः दो दृष्टियों से होता है- रचना की दृष्टि से तथा अर्थ की दृष्टि से।
Question 15:
संरचना के आधार पर किये गये वाक्य के वर्गीकरण में इनमें से कौन-सा प्रकार नहीं है?
Correct Answer: 3
‘आज्ञार्थक वाक्य' अर्थ के आधार पर वाक्य का भेद है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
आज्ञार्थक वाक्य- वाक्यों से आज्ञा, प्रार्थना, उपदेश आदि का ज्ञान होता है, उन्हें आज्ञा वाचक वाक्य कहते हैं। जैसे- बाजार जाकर दूध ले आओ।
संरचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं- सरल वाक्य, मिश्र वाक्य तथा संयुक्त वाक्य।
अन्य विकल्प -
सरल वाक्य - ऐसा वाक्य जिसमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य 'सरल वाक्य' कहलाते हैं। सरल वाक्य को 'साधारण वाक्य' भी कहा जाता है।
मिश्र वाक्य - जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और शेष उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे जटिल या 'मिश्र वाक्य' कहा जाता है। जैसे- जो लड़की कमरे में बैठी है, वह मेरी बहन है।
संयुक्त वाक्य - जिस वाक्य में इसलिए, और, क्योंकि, लेकिन,परंतु,आदि समुच्चयबोधक शब्द जोड़ते हैं, उन्हें संयुक्त वाक्य कहा जाता है।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते है।
Question 16:
जब पानी बरसता है, तब मेंढक बोलते हैं' में 'जब पानी बरसता है' कौन-सा वाक्य है?
Correct Answer: 3
'जब पानी बरसता है, तब मेंढक बोलते हैं' में 'जब पानी बरसता है' वाक्य क्रिया-विशेषण उपवाक्य है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
जो उपवाक्य किसी क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण उपवाक्य कहते हैं।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
Question 17:
‘राम ने कहा कि मैं घर जाऊँगा' में घर जाऊँगा कौन-सा वाक्य है ?
Correct Answer: 1
'राम ने कहा कि मैं घर जाऊँगा' में घर जाऊँगा ‘संज्ञा उपवाक्य' है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
संज्ञा उपवाक्य शब्दों का वह समूह है, जो अपना विशेष उद्देश्य तथा विधेय रखता है और एक संज्ञा का कार्य करता है, विशेषकर कर्म का संज्ञा उपवाक्य प्रायः 'कि' से प्रारम्भ होता है।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
Question 18:
सरल' या 'साधारण वाक्य किसे कहते हैं ?
Correct Answer: 4
'सरल' या 'साधारण वाक्य वह है, जिसमें एक उद्देश्य, एक विधेय और एक ही क्रिया हो।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं। जटिल या मिश्रवाक्य उसी का एक रूप है।
जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और शेष उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे जटिल या मिश्र वाक्य कहा जाता है।
जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों (जैसे और, तथा, एवं आदि) द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः दो दृष्टियों से होता है- रचना या स्वरूप की दृष्टि से तथा अर्थ की दृष्टि से।
रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं- सरल या साधारण वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के आठ भेद हैं- विधिवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक प्रश्नवाचक, विस्मयवाचक,सन्देहवाचक, इच्छावाचक तथा संकेतवाचक।
Question 19:
वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं जिनमें -
Correct Answer: 3
वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं, जिनमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो। सरल वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया होती है।
अन्य विकल्प -
जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और शेष उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे जटिल या मिश्र वाक्य कहा जाता है।
जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों (जैसे और, तथा, एवं आदि) द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते हैं।
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः दो दृष्टियों से होता है- रचना या स्वरूप की दृष्टि से तथा अर्थ की दृष्टि से।
रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं- सरल या साधारण वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के आठ भेद हैं- विधिवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक प्रश्नवाचक, विस्मयवाचक,सन्देहवाचक, इच्छावाचक तथा संकेतवाचक।
Question 20:
सलमा घर जाती है, वाक्य है -
Correct Answer: 1
सलमा घर जाती है सरल वाक्य का उदाहरण है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु -
सरल वाक्य - सरल या साधारण वाक्य वह है, जिसमें एक उद्देश्य, एक विधेय और एक ही क्रिया हो।
अन्य विकल्प -
निषेधवाचक - जिन वाक्यों से कार्य न होने का भाव प्रकट होता है, उसे निषेधवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे- मैंने भोजन नहीं किया।
आज्ञावाचक वाक्य- जिन वाक्यों से आज्ञा, प्रार्थना, उपदेश आदि का ज्ञान होता है, उन्हें आज्ञा वाचक वाक्य कहते हैं। जैसे- बाजार जाकर दूध ले आओ।
इच्छार्थक वाक्य - जिन वाक्यों से इच्छा, आशीष, एवं शुभकामना आदि का ज्ञान होता है, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहा जाता है। जैसे तुम्हारा कल्याण हो।
अतिरिक्त बिंदु -
वाक्य की परिभाषा - शब्दों का ऐसा समूह जिससे पूरा -पूरा अर्थ निकले, उसे वाक्य कहते है।
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः दो दृष्टियों से होता है- रचना या स्वरूप की दृष्टि से तथा अर्थ की दृष्टि से।
रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं- सरल या साधारण वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के आठ भेद हैं- विधिवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक प्रश्नवाचक, विस्मयवाचक,सन्देहवाचक, इच्छावाचक तथा संकेतवाचक।