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By admin: Nov. 26, 2022

1. मनरेगा रोजगार गारंटी योजना में सुधार के लिए केंद्र ने समिति गठित की

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revamp MGNREGA job guarantee scheme

केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में सुधार के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति गरीबी उन्मूलन के साधन के तौर पर मनरेगा की प्रभावकारिता को परखेगी। 

महत्वपूर्ण तथ्य

  • पूर्व ग्रामीण विकास सचिव अमरजीत सिन्हा की अध्यक्षता वाली इस समिति की पहली बैठक 21 नवंबर को हुई थी। 

  • इसे अपने सुझाव देने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।

  • समिति को मनरेगा में काम मांग, खर्च के तरीके, अलग-अलग राज्यों में मांग में अंतर और योजना की शुरुआत के बाद से रोजगार मुहैया कराने की बढ़ी लागत की समीक्षा करने को कहा गया है। 

  • साथ ही यह समिति सुझाव देगी कि इस योजना को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए क्या बदलाव किए जा सकते हैं।

  • समिति को गरीब इलाकों में इस योजना को बेहतर तरीके से लागू करने की सिफारिशें भी सौंपनी होंगी।

  • इस योजना को ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन के साधन के तौर पर लाया गया था, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य, जहां गरीबी का स्तर ज्यादा है, वहां इस योजना का उचित लाभ नहीं मिल पाया है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना

  • नरेगा अधिनियम 23 अगस्त 2005 को भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था, लेकिन यह 6 फरवरी, 2006 को लागू हुआ। 

  • 2 अक्टूबर 2009 को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 में एक संशोधन किया गया, जिससे अधिनियम का नाम नरेगा से बदलकर कर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) कर दिया गया। 

  • मनरेगा  में प्रत्येक ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हैं  उनको एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटी मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। 

  • यह योजना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री - गिरिराज सिंह


By admin: Nov. 8, 2022

2. सरकार ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ऋतुराज अवस्थी के अध्यक्षता में 22 वें विधि आयोग का गठन किया

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Government constitute 22nd Law Commission

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने 7 नवंबर 2022 को 22वें विधि आयोग का गठन किया और कर्नाटक उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ऋतुराज अवस्थी को विधि आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। 

पांच सदस्यीय 22वें विधि आयोग का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।

न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी हाल ही में उस न्यायाधीश के रूप में सुर्खियों में थीं, जिसने हिजाब पर फैसला सुनाने वाली कर्नाटक उच्च न्यायालय की पीठ का नेतृत्व किया था।

विधि आयोग के अन्य सदस्य

केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति केटी शंकरन, प्रो. आनंद पालीवाल, प्रो. डीपी वर्मा, प्रो. (डॉ.) राका आर्य और एम करुणानिधि को विधि आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।

न्यायमूर्ति  बीएस चौहान, 21वें विधि आयोग के अध्यक्ष थे, जिनका कार्यकाल अगस्त 2018 में समाप्त हो गया था।

भारत में विधि आयोग

विधि आयोग एक गैर-सांविधिक निकाय है जिसे भारत में कानूनों में सुधार का सुझाव देने के लिए केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है।

इसकी सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं हैं

विधि आयोग  का प्रावधान चार्टर एक्ट 1833 में किया गया था और पहला विधि आयोग 1834 में लॉर्ड थॉमस बबिंगटन मैकाले की अध्यक्षता में स्थापित किया गया था।

भारतीय दंड संहिता 1860 मैकाले आयोग की सिफारिश पर आधारित है।

स्वतंत्र भारत में पहला विधि आयोग 1955 में स्थापित किया गया था और एम.सी. सीतलवाड़ जो भारत के पहले अटॉर्नी जनरल भी थे, विधि आयोग के अध्यक्ष थे।


By admin: Nov. 4, 2022

3. उच्च शिक्षण संस्थानों के मूल्यांकन और प्रत्यायन को मजबूत करने के लिए सरकार ने राधाकृष्णन समिति की स्थापना की

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Government set up Radhakrishnan committee

भारत सरकार ने 4 नवंबर 2022 को डॉ के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में उच्च शिक्षण संस्थानों के मूल्यांकन और प्रत्यायन को मजबूत करने के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

समिति उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मूल्यांकन और प्रत्यायन प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए सरकार को उपायों का सुझाव देगी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में परिकल्पित राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद के लिए एक रोड मैप तैयार करेगी।

समिति के सदस्य

समिति के अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन हैं जो अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी कानपुर और अध्यक्ष, आईआईटी परिषद की स्थायी समिति हैं। अन्य सदस्य हैं प्रो. मृदुल हजारिका, कुलपति, महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव विश्वविद्यालय, असम; प्रो. भरत भास्कर, प्रोफेसर, आईआईएम, लखनऊ और संयुक्त सचिवउच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार।

उच्च शिक्षण संस्थान में प्रत्यायन की क्या भूमिका है?

गुणवत्ता आश्वासन को उच्च शिक्षण संस्थानों के कामकाज का एक अभिन्न अंग बनाने में प्रत्यायन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की प्रत्यायन स्थिति संस्थान में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में छात्रोंनियोक्ताओं और समाज के लिए विश्वसनीय जानकारी के स्रोत के रूप में कार्य करती है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री: धर्मेंद्र प्रधान


By admin: Oct. 12, 2022

4. मेडेन फार्मा द्वारा आपूर्ति किए गए दूषित सिरप पर डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति गठित

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भारत सरकार ने 12 अक्टूबर 2022 को हरियाणा के सोनीपत में स्थित कंपनी मेडेन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के  कफ सिरप दवाईके सेवन से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। ।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के बाद सरकार ने मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड द्वारा कफ सिरप के उत्पादन को पहले ही निलंबित कर दिया है।

समिति में डॉ वाईके गुप्ता, उपाध्यक्ष, स्थायी राष्ट्रीय चिकित्सा समिति ; डॉ प्रज्ञा यादव, आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे; डॉ आरती बहल, महामारी विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली और एके प्रधान, जेडीसी (आई), सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) शामिल हैं ।

रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी कंपनी अटलांटिक फार्मास्युटिकल्स कंपनी लिमिटेड, जिसके पास गाम्बिया को दवाएं निर्यात करने की अनुमति है, ने मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड से सिरप की बोतलों का ऑर्डर दिया था । कफ सिरप बाद में डब्ल्यूएचओ द्वारा दूषित पाया गया था।

गाम्बिया गणराज्य

यह अटलांटिक महासागर के किनारे स्थित एक पश्चिम अफ्रीकी देश  है।

देश का नाम गाम्बिया नदी के नाम पर पड़ा है।

राजधानी: बंजुल

मुद्रा: दलासी

अध्यक्ष: अदामा बैरो

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जिसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी।
  • डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड;
  • डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक: इथियोपिया के टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस

By admin: Oct. 8, 2022

5. धर्मांतरित दलितों को 'अनुसूचित जाति' का दर्जा देने पर विचार करने के लिए केंद्र ने समिति गठित की

Tags: committee Person in news National News

केंद्र ने धर्मांतरित दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है, “जो ऐतिहासिक रूप से अनुसूचित जाति के हैं, लेकिन हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के अलावा अन्य धर्मों में परिवर्तित हो गए हैं”। समिति का गठन केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया है।

समिति के प्रमुख

तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन करेंगे। इसमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ रविंदर कुमार जैन और यूजीसी सदस्य प्रो (डॉ) सुषमा यादव सदस्य के रूप में शामिल हैं।

आयोग को दो साल में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को देनी होगी।

मामला क्या है

संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1950, यह निर्धारित करता है कि हिंदू धर्म, सिख धर्म या बौद्ध धर्म से अलग धर्म को मानने वाले किसी भी व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता है। मूल आदेश जिसके तहत केवल हिंदुओं को वर्गीकृत किया गया था, बाद में सिखों और बौद्धों को शामिल करने के लिए संशोधित किया गया था।

हालाँकि कई अनुसूचित जाति के व्यक्ति जो इस्लाम और ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए हैं, मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी सूची में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें अभी भी  भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।

धर्मांतरित दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय दलित ईसाई परिषद (एनसीडीसी) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। अगस्त 2022 में, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को इस मुद्दे पर अपनी वर्तमान स्थिति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

सरकार द्वारा नए आयोग का गठन किया गया है ताकि वह अदालत के समक्ष मामले पर अपना विचार प्रस्तुत कर सके।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री: वीरेंद्र कुमार

By admin: Oct. 7, 2022

6. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने आलोक कुमार की अध्यक्षता में चीता टास्क फोर्स का गठन किया

Tags: committee Person in news

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता की शुरूआत की निगरानी के लिए 7 अक्टूबर 2022 को 9 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड ,प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन, मध्य प्रदेश, आलोक कुमार करेंगे।

मंत्रालय के अनुसार टास्क फोर्स का गठन 2 साल की अवधि के लिए किया गया है और यह चीता केचीता के स्वास्थ्य की समीक्षा, प्रगति और निगरानी के साथ-साथ एकांतवास और सॉफ्ट रिलीज बाड़ों का रख-रखाव किया जा सके, पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, वन और पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा परिभाषित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) चीता टास्क फोर्स के कामकाज को सुगम बनाएगा और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।

17 सितंबर 2022 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वन्यजीवों को चीतों के साथ फिर से बसाने के महत्वाकांक्षी प्रयास में कुन्हो नेशनल पार्क में नामीबिया के 8 जंगली चीतों को रिहा किया।1952 में चीता को आधिकारिक तौर पर भारत में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।

केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री: भूपेंद्र यादव


By admin: Oct. 6, 2022

7. सी के मिश्रा की अध्यक्षता वाली "सतत वित्त पर विशेषज्ञों की समिति" ने आईएफएससीए को अपनी रिपोर्ट सौंपी

Tags: committee Economy/Finance Person in news

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा गठित 'सतत वित्त पर विशेषज्ञ समिति' ने 03 अक्टूबर, 2022 को आईएफएससीए के अध्यक्ष को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति की अध्यक्षता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व सचिव सी.के. मिश्रा ने की।

जिन मुख्य क्षेत्रों पर समिति को विचार करने के निर्देश दिए गए थे, उनमें शामिल हैं - आईएफएससी नियमों को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ तालमेल बिठाना, आईएफएससी के माध्यम से पूंजी प्रवाह को बढ़ाने के तरीकों का पता लगाना और हरित व सतत वित्त के क्षेत्र में अभिनव वित्तीय उत्पादों के विकास का समर्थन करना। समिति ने उत्पादों, नीतियों और विनियमों, क्षमता निर्माण और हरित तथा सतत वित्त से संबंधित आउटरीच पहल समेत सतत वित्त के विभिन्न पहलुओं पर अपनी सिफारिशें दी हैं।

कुछ महत्वपूर्ण सिफारिशों में स्वैच्छिक कार्बन मार्केट विकसित करना, परिवर्तनशील बांड के लिए फ्रेमवर्क, जोखिम-मुक्त व्यवस्था को सक्षम करना, ग्रीन फिनटेक के लिए नियामक सैंडबॉक्स को बढ़ावा देना और वैश्विक जलवायु गठबंधन के निर्माण को सुविधाजनक बनाना आदि शामिल हैं।

आईएफएससी (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र) 

  • भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) गिफ्ट  सिटी में स्थापित किया गया है।
  • यह उन ग्राहकों के लिए बना है जो भारत से बाहर के हैं। यह विदेशी ग्राहकों को वित्तीय उत्पाद और सेवाएं जैसे बैंकिंग, बीमा आदि प्रदान करता है। इसमें स्टॉक एक्सचेंजों सहित एक अच्छी तरह से विकसित पूंजी बाजार होती है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए)) द्वारा विनियमित है।

आईएफएससीए के अध्यक्ष: इंजेती श्रीनिवास

महत्वपूर्ण फुल फॉर्म

आईएफएससी /IFSC: इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेन्टर

आईएफएससीए/ IFSCA: इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेन्टर अथॉरिटी

गिफ्ट सिटी/GIFT City : गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक सिटी

By admin: Sept. 13, 2022

8. सरकार ने वीसी/पीई निवेश बढ़ाने के तरीके सुझाने के लिए एम दामोदरन समिति का गठन किया

Tags: committee Economy/Finance

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 13 सितंबर 2022 को भारत में उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी (वीसी/पीई) निवेश को आकर्षित करने के तरीके सुझाने के लिए एक समिति का गठन किया है।


महत्वपूर्ण तथ्य - 

  • समिति की अध्यक्षता भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व अध्यक्ष एम दामोदरन करेंगे।
  • वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार एक समिति बनाने पर विचार कर रही है जो भारत में निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करेगी।
  • अधिसूचना के मुताबिक, यह समिति प्रणालीगत दृष्टिकोण का इस्तेमाल करते हुए एक समग्र अध्ययन करेगी ताकि पीई एवं वीसी निवेश को सुगम बनाने के साथ भारत में निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके।
  • दामोदरन समिति उन उपायों का सुझाव देगी जो भारत में निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी निवेश को और आकर्षित करने के लिए उद्योग के समक्ष आने वाले नियामकीय मुद्दों के समाधान को लेकर सुझाव देगी।

वेंचर कैपिटल फंड और प्राइवेट इक्विटी को भारत में सेबी द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

By admin: Sept. 8, 2022

9. सरकार ने कंपनी कानून समिति का कार्यकाल एक साल बढ़ाया

Tags: committee Economics/Business Person in news


भारत सरकार ने कंपनी कानून समिति का कार्यकाल एक वर्ष और बढ़ाकर 16 सितंबर 2023  तक कर दिया है।


महत्वपूर्ण तथ्य - 

  • समिति का गठन केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा 2019 में किया गया था और इसे पिछले साल मंत्रालय द्वारा 2022 तक एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था।
  • कंपनी अधिनियम 2013 और सीमित देयता भागीदारी अधिनियम 2008 (Limited Liability Partnership Act 2008) के कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर  जांच करने और इसमें बदलाव की,  सिफारिशें करने के लिए सरकार द्वारा समिति का गठन किया गया था।
  • यह सरकार द्वारा कानून का पालन करने वाले कॉरपोरेट्स को व्यवसाय करने में आसानी प्रदान करके व्यवसाय को बढ़ावा देने का एक प्रयास था।

समिति के अध्यक्ष :

  • 11 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के सचिव तरुण बजाज कर रहे हैं।
  • केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण

By admin: Sept. 7, 2022

10. महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने गैस प्राइसिंग फॉर्मूले की समीक्षा के लिए किरीट पारिख कमेटी का गठन किया

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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 6 सितंबर 2022 को "अंतिम उपभोक्ता को उचित मूल्य" सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय रूप से उत्पादित गैस के मूल्य निर्धारण फार्मूले की समीक्षा करने के लिए एक समिति का गठन किया है।


महत्वपूर्ण तथ्य - 

समिति के अध्यक्ष :

  • इस समिति की अध्यक्षता योजना आयोग के पूर्व सदस्य किरीट पारिख करेंगे। इसमें उर्वरक मंत्रालय के सदस्य, साथ ही गैस उत्पादक और खरीदार शामिल होंगे।

समिति के गठन का कारण :

  • समिति, स्थानीय रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस के मूल्य निर्धारण का सुझाव देगी ताकि देश में मुद्रास्फीति को कम किया जा सके और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
  • प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 2030 तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी को 6.2% से बढ़ाकर 15% करना चाहते हैं, जिससे भारत को 2070 तक  शुद्ध शून्य कार्बन-उत्सर्जन लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।


अतिरिक्त जानकारी -

भारत में प्राकृतिक गैस की कीमत का निर्धारण :

  • 2014 में सरकार ने स्थानीय गैस की कीमत को निर्धारित करने के लिए वैश्विक बेंचमार्क हेनरी हब, अल्बर्टा गैस, एनबीपी और रूसी गैस को मिला कर एक फोरमुले से जोड़ा दिया है।
  • 2016 सेसरकार ने गहरे पानी से उत्पादित गैस की अधिकतम कीमतों का निर्धारण करना शुरू किया और इन गैसों के उत्पादक को विपणन स्वतंत्रता की अनुमति भीदी। ओएनजीसी और रिलायंस, भारत में गहरे पानी की प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक हैं।
  • भारत और विश्व में अभी प्राकृतिक गैस की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण इसके और बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारत में महंगाई और बढ़ेगी।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री : हरदीप सिंह पुरी।

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