भारतीय खेल प्राधिकरण ने खेलो इंडिया गेम्स प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर के साथ एकीकृत किया

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Khelo India Games certificates with DigiLocker

भारतीय खेल प्राधिकरण ने पहली बार खेलो इंडिया गेम्स प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर के साथ एकीकृत किया है।

खबर का अवलोकन

  • एथलीट, सहायक स्टाफ, तकनीकी अधिकारी, मिशन प्रमुख, प्रतिस्पर्धा प्रबंधक आदि, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने खेलो इंडिया प्रमाणपत्रों का उपयोग कर सकते है।

  • खेलो इंडिया गेम्स में भाग लेने वाले एथलीट और अन्य हितधारक अब मध्य प्रदेश में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 से योग्यता और भागीदारी के अपने प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

  • इसका उद्देश्य नागरिकों का ‘डिजिटल रूप में सशक्तिकरण’ करना है।

खेलो इंडिया गेम्स सर्टिफिकेट क्या है?

  • यह एक दस्तावेज है जो खेलो इंडिया गेम्स में भाग लेने वाले एथलीटों को प्रदान किया जाता है।

  • प्रमाणपत्र खेलों में एथलीट की भागीदारी को पहचानता है और उनकी उपलब्धि के प्रमाण के रूप में कार्य करता है।

डिजिलॉकर क्या है?

  • यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) की एक प्रमुख पहल है। 

  • यह भंडारण के लिए एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के आसान साझाकरण और सत्यापन को सक्षम बनाता है। 

  • इसका उद्देश्य नागरिकों का 'डिजिटल रूप में सशक्तिकरण' करना है, ताकि वे प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों के लिए डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट तक पहुँच प्राप्त कर सकें।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI)

  • इसकी स्थापना सोसायटी अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत सोसायटी के रूप में 1982 में हुई थी। 

  • इसका उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता हासिल करना है।

  • इसने श्रेष्ठ एथलीटों को प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ युवा प्रतिभाओं की पहचान और विकास के लिए कई योजनाओं को संचालित करके भारत के खेल विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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